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Lord Vishnu

Lord Vishnu

भगवान विष्णु

About

शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥ नारायण जी भगवान विष्णु का अत्यंत पवित्र और पूजनीय नाम है। वे सृष्टि के पालनकर्ता, धर्म के रक्षक, भक्तों के आश्रयदाता और करुणा के सागर माने जाते हैं। हिंदू धर्म में नारायण जी उस दिव्य शक्ति के रूप में पूजे जाते हैं जो संसार का संतुलन बनाए रखती है, जीवों की रक्षा करती है और धर्म की स्थापना करती है। वे शांति, संरक्षण, दया, सत्य और ईश्वरीय व्यवस्था के प्रतीक हैं। नारायण जी की उपासना का विशेष महत्व इस बात में है कि वे केवल जगत के पालक ही नहीं, बल्कि भक्त के जीवन के मार्गदर्शक भी हैं। उनकी शरण में जाने का अर्थ है भय से मुक्ति, मन की शांति, धर्म में स्थिरता और भगवान की कृपा प्राप्त करना। उनका स्वरूप भक्त को यह सिखाता है कि जीवन में धैर्य, श्रद्धा, करुणा और भगवान पर विश्वास बनाए रखना चाहिए। नारायण जी की पूजा से भक्ति, संतुलन, सुरक्षा और आध्यात्मिक उन्नति की भावना मजबूत होती है। एककाले पठेन्नित्यं महापापविनाशनम्। द्विकाले यः पठेन्नित्यं धनधान्यसमन्वितः॥ त्रिकाले यः पठेन्नित्यं महाशत्रुविनाशनम्। महालक्ष्मीर्भवेन्नित्यं प्रसन्ना वरदा शुभा॥

ॐ जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे भक्त जनों के संकट दास जनों के संकट क्षण में दूर करे ॐ जय जगदीश हरे जो ध्यावे फल पावे दुःख बिन से मन का स्वामी दुख बिन से मन का सुख सम्पति घर आवे सुख सम्पति घर आवे कष्ट मिटे तन का ॐ जय जगदीश हरे मात पिता तुम मेरे शरण गहूं किसकी स्वामी शरण गहूं किसकी तुम बिन और ना दूजा तुम बिन और ना दूजा आस करूँ जिसकी ॐ जय जगदीश हरे तुम पूरण परमात्मा तुम अंतरियामी स्वामी तुम अंतरियामी पार ब्रह्म परमेश्वर पार ब्रह्म परमेश्वर तुम सबके स्वामी ॐ जय जगदीश हरे तुम करुणा के सागर तुम पालन करता स्वामी तुम पालन करता मैं मूरख खलकामी मैं सेवक तुम स्वामी कृपा करो भर्ता ॐ जय जगदीश हरे तुम हो एक अगोचर सबके प्राण पति स्वामी सबके प्राण पति किस विध मिलु दयामय किस विध मिलु दयामय तुम को मैं कुमति ॐ जय जगदीश हरे दीन बन्धु दुःख हर्ता ठाकुर तुम मेरे स्वामी रक्षक तुम मेरे अपने हाथ उठाओ अपनी शरण लगाओ द्वार पड़ा तेरे ॐ जय जगदीश हरे विषय-विकार मिटाओ पाप हरो देवा स्वामी पाप हरो देवा श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ सन्तन की सेवा ॐ जय जगदीश हरे ओम जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे भक्त ज़नो के संकट दास ज़नो के संकट क्षण में दूर करे ॐ जय जगदीश हरे ॐ जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे भक्त ज़नो के संकट दास जनो के संकट क्षण में दूर करे ॐ जय जगदीश हरे